नीति आयोग के विरोध के बावजूद क्यों मिली अडानी को 6 एयरपोर्ट की कमान?

Why did Adani Group get command of 6 airports despite opposition from NITI Aayog?

नमस्कार स्वागत है आपका हमारे चैनल Spark News में और मैं हूँ आपके साथ निधि। आज हम बात करेंगे कि आखिर क्यो Niti Aayog तथा वित्त मंत्रालय के मना करने के बावजूद Adani Group को सौंप दिए गए 6 एयरपोर्ट, जानने कि कोशिश करते हैं कि ऐसी क्या मजबूरियां रहीं कि अडानी ग्रुप के फेवर में निर्णय लिया गया, चलिए शुरू करते है।

अडाणी ग्रुप के Chairman गौतम अडाणी को भारत सरकार द्वारा  देश के 6 मुख्य एयरपोर्ट देने का फैसला 2019 में लिया गया था। अड़ाणी ग्रुप को 6 एयरपोर्ट देने के इस फैसले पर निति आयोग और वित्त मंत्रालय ने आपत्ति भी जताई थी कि एक ही कंपनी को 6 एयरपोर्ट देने का ये फैसला बिलकुल गलत है। लेकिन निति आयोग और वित्त मंत्रालय की इस आपत्ति को भी अनदेखा कर दिया गया।

चलिए आपको बताते है कि ये पूरी बात आखिर क्या थी। 2018 मे मोदी सरकार ने देश के मुख्य हवाई अड्डे जिनमे अहमदाबाद, लखनऊ, मैंगलुरू,जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के हवाई अड्डे शामिल थे, इनका निजीकरण करने का फैसला लिया । द इंडियन एक्सप्रेस से मिले कुछ रेकॉर्ड के मुताबिक 11 दिसंबर 2018 को केंद्र की Public Private Partnership Appraisal Committee यानी PPPAC ने CIVIL AVIATION MINISTRY से इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। इस मीटिग के दौरान वित्त मंत्रालय ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इक नोट भी दिया गया जहा ये कहा गया था कि ये 6 एयरपोर्ट Highly Capital Insentive है और एक ही कंपनी को ये 6 एयरपोर्ट देना ठीक नही होगा। एक कंपनी को दो से ज्यादा एयरपोर्ट नही देने चाहिए। जिसके बाद इसी मामले में वित्त मंत्रालय ने दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के President से भी Contact किया,.जहा सिर्फ GMR ही केवल एक ऐसा योग्य बिडर था जिसे ये दोनो एयरपोर्ट दिए जाने चाहिए थे लेकिन ये दोनो ही एयरपोर्ट GMR को नही दिए गए।

वित्त मंत्रालय के दिए गए नोट के बाद NITI आयोग ने भी इस पर अपनी चिंता जताई। निति आयोग का कहना था कि PPP का मेमो सरकार की निति के विरूद्ध है। जिस बिडर के पास तकनीकी क्षमता नही होगी वह सरकार की प्रतिबद्धता के अनुसार सेवाए नही दे पाएगा। लेकिन इन सब के बावजूद भी 2019 में इन 6 एयरपोर्ट्स की बोलियां लगाने के लिए प्रतिस्पर्धाओ को आमंत्रित किया गया और इन 6 एयरपोर्ट्स के Biding की Process को शुरू किया गया। जहा अहमादाबाद के अडाणी ग्रुप ने सबसे बड़ी बोली लगाकर इन 6 एयरपोर्ट पर कब्जा कर लिया।

बोली के मामले में Adani Group ने GMR ग्रुप, जुरिक एयरपोर्ट और कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को भी पीछे छोड़ दिया। इसलिए आने वाले 50 साल के लिए 6 एयरपोर्ट को चलाने और इनके विकास करने की कमान अडाणी के हाथो सौप दी गई थी।

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