क्यों उत्साहित हैं दिल्ली के मज़दूर?

निर्माण मज़दूरों को मिलने वाले विभिन्न लाभों के लिए चलाया जा रहा है पंजीकरण अभियान

हमारे देश में सरकारें मजदूरों के लिए कई योजनाए या कहे कि कई स्कीम्स लाती है, लेकिन उसका फायदा उन मजदूरो को मिल नही पाता है। क्योंकि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए मजदूरों को सरकारी वेवसाइट में जाकर फॉर्म भरना पड़ता है और हमारे देश में अधिकतर मजदूर ऐसे है जो पढ़े लिखे नहीं है, कंप्यूटर और इंटरनेट चलाना नहीं जानते। जिससे स्कीम्स बस न्यूजपेपर, न्यूज चैनल्स तथा सरकारी वेबसाइट में ही पढ़ी रहती है और अक्सर मजदूर इससे वंचित रह जाते है।

लेकिन दिल्ली सरकार ने 15 दिनों का निर्माण मजदूर रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया है। जिसमें उन मजदूरों के लिए व्यवस्था की गई है जो कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में सक्षम नहीं। दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर 70 विधानसभाओं के 70 स्कूलों में 24 अगस्त से लेकर 11 सितंबर तक निर्माण मजदूर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए गए है। जहां मजदूर अपने दस्तावेज लाकर उसी समय अपना निशुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आइये आपको बताते है कि कौन कौन से ऐसे मजदूर है जो पंजीकरण करा सकते हैं।

इस श्रेणी के निर्माण मजदूर करा सकते हैं पंजीकरण

  1. जो मजदूर निर्माण से संबंधित क्षेत्र में काम कर रहे है वह इसमें पंजीकृत हो सकते हैं।
  2. इसके तहत बढ़ई, बार बाइंडर, बेलदार, कूली, मजदूर, जो निर्माण साइट या मकान/घर बनाने में काम करते हैं।
  3. इसके अलावा निर्माण साइट पर तैनात चौकीदार, कंक्रीट मिश्रण करने वाले, क्रेन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, फीटरमैन, लोहार, सफेदी करने वाले पेंटर, प्लंबर, पीओपी लेबर, पंप ऑपरेटर, राजमिस्त्री, शटरिंग करने वाले, टाइल्स स्टोन फीटर और बेल्डर क्षेणी के कर्मचारी इसके तहत अपना फार्म भर कर पंजीकरण करा सकते हैं।

जो मजदूर इन सब श्रेणी के अंदर आते है तो वो अपना पंजीकरण करा सकते है, जिससे उनका कार्ड बन जाएगा। इसके अलावा अब मजदूरो को नीचे लिखी कुछ आसान सी शर्तों को भी पूरा करना होगा।

  1. उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  2. 12 महीने के दौरान 90 दिन काम करने का प्रमाण पत्र होना चाहिए, इसके लिए तीन विकल्प दिए गए हैं।
  3. पहला: जिस निर्माण साइट पर वह काम कर रहे हैं, वहां का इम्प्लायर लिख कर दे सकता है।
  4. दूसरा: निर्माण साइटों की ट्रेड यूनियंस भी लिख कर दे सकती हैं।
  5. तीसरा: मजदूर खुद सत्यापित करके उद्घोषित कर सकते हैं कि वे यह काम कर रहे हैं।

यानि कुल मिलाकर सभी तरह के प्रमाण पत्रों का सत्यापन दिया जाएगा। ज्ञात रहे कि सत्यापन गलत पाए जाता है, तो जिसने भी सत्यापित किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा, कैंप में सत्यापन के लिए जाने के दौरान एक फोटो, स्थानीय आईडी प्रूफ, एक बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड होना चाहिए। तो अगर मजदूरों के पास ये सब दस्तावेज है तो वो अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।अब आप सोच रहे होगें कि निर्माण मजदूरों का श्रमिक बोर्ड के तहत रजिस्ट्रेशन करा कर मजदूरों को इससे क्या लाभ होगा तो चलिए ये भी आपको बता देते हैं।

हैंडिग रजिस्ट्रर मजदूरों को मिलते हैं ये लाभ

  1. यदि मजूदर के बेटे-बेटी की शादी है, तो उनको बेटे की शादी के लिए 35 हजार रुपये और लड़कियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये दिए जाते हैं।
  2. बच्चों की शिक्षा के लिए 500 रुपये दी जाती है और यदि कोई प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहा है, तो उसको 10 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाती है।
  3. स्वास्थ्य व प्रसूति लाभ के लिए 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलती है ।
  4. वृद्धा अवस्था पेंशन के रूप में 3 हजार रुपये प्रतिमाह दी जाती है।
  5. यदि किसी की दुर्घटना में मजदूर की मौत होती है, तो उसके परिवार को 2 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा दिया जाता है।
  6. यदि किसी मजदूर की प्राकृतिक मौत होती है, तो उसको एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
  7. अगर कोई विकलांग होत जाता है, तो उसे एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
  8. दाह संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
  9. इसके अलावा सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान बोर्ड के तहत पंजीकृत सभी मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।

तो इस तरह के 18 तरह के लाभ निर्माण कार्य से जुड़े पंजीकृत मजदूरों को दिए जाते हैं। 70 विधानसभाओं में लगे कैंपों में मजदूर बड़ी तादात में पहुंच रहे है। हमने जब ग्राउंड पर चेक किया तो स्थानीय विधायक रजिस्ट्रेशन के लिए वहां आए मज़दूरों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क् लगाए रखने के लिए कहते नजर आए, वहीं मजदूर भी इस पहल से काफी खुश नजर आए।

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Sarita Tiwari

An human being, a social worker by heart but professionally I am a journalist.

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