मोरेटोरियम पर आरबीआई का बड़ा फैसला, अप्लाई करने की तरीख का भी ऐलान

लोन मोरेटोरियम पर आरबीआई का बड़ा फैसला सामने आया है। जल्द ही लोनकर्ता बैंक में मोरेटोरियम के लिए अप्लाई कर पाएंगे।

सेंट्रल बैंक आरबीआई ने आखिरकार लोन मोरेटोरियम पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोरोना की दूसरी लहर के चलते जहाँ पूरी आर्थिक व्यवस्था और कारोबार ठप्प पड़ गए हैं वहीँ आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस बात का ऐलान किया है की सभी बैंक ज़रूरतमंद ग्राहकों को लोन मोरेटोरियम की सुविधा दे। आरबीआई ने 5 मई को यह आदेश दिया है की जिन लोगों ने पिछले साल लोन मोरेटोरियम की सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया था वो भी इस बार लोन मोरेटोरियम की सुविधा ले सकते हैं और जिन्होंने पिछले साल लोन मोरेटोरियम का लाभ उठाया था वो मोरेटोरियम की अवधि को आगे बढ़ा सकते हैं।

लोन लेने वाले ग्राहकों, छोटे कारोबारियों और MSME को इस साल मोरेटोरियम के तहत 25 करोड़ रुपये तक एक्सपोज़र मिलेगा। पिछले साल, आरबीआई ने कोरोना महामारी के चलते राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की वजह से कर्ज लेने वालों के लिए 2 साल तक के लोन एक्सटेंशन का ऐलान किया था। कई लोन लेने वाले ग्राहकों जिन्होंने इस लोन एक्सटेंशन का ऑप्शन नहीं चुना था और अब उन्हें क़र्ज़ चुकाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है वो इस साल मोरेटोरियम का फायदा ले सकते हैं।

रीपेमेंट पर कोई भी चूक न केवल ब्याज और दंड के मामले में ज़्यादा कीमत के भुगतान की ओर ले जाती है, बल्कि किसी के क्रेडिट हिस्ट्री पर गलत असर भी डालता है। एक्सटेंशन पीरियड लेने और तय समय के लिए लोन रीपेमेंट के बाद भी मोराटोरियम अपनी लोन हिस्ट्री को बनाए रखने में ऐसे लोन लेने वाले ग्राहकों की मदद करता है। लेकिन आपको ध्यान रहे की नए मोरेटोरियम के लिए अगर आप एलिजेबल होना चाहते हैं तो 31 मार्च 2021 तक लिए गए लोन पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए। बता दें की RBI ने लोन लेने वाले ग्राहकों को अपने लोन का रीपेमेंट की गुज़ारिश करने के लिए अपने लेंडर्स से संपर्क करने को कहा है जिसके लिए 30 सितंबर, 2021 तक का समय दिया है। आरबीआई के आदेश के मुताबिक़ अगर आप सभी शर्तों को पूरा करते हैं और एक बार जब आप नए मोरेटोरियम के लिए अप्लाई करते हैं तो लेंडर को 90 दिनों के भीतर इसे लागू करना होगा।

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