राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर योजना की तैयारी, गोपाल राय ने बुलाई बैठक

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बैठक बुलाई जिसमें उन्होंने प्रदूषण के खिलाफ दीर्घकालीन योजना बनाने का ऐलान किया है

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के अंदर प्रदूषण को कम करने को लेकर आज पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। गोपाल राय ने कहा कि केजरीवाल सरकार धूल के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक दीर्घकालीन कार्य योजना बनाने जा रही है, इसके लिए आज एक सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। मार्च से सितंबर तक एंटी पाॅल्यूशन कैंपेन को कैसे लागू किया जाए? इसके लिए 4 मार्च को विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों के साथ राउंड टेबल काॅन्फ्रेंस आयोजित कर उनसे सलाह ली जाएगी, ताकि इसके लिए कार्य योजना बनाई जा सके। श्री राय ने कहा कि ग्रीन वार रूम में आ रही प्रदूषण की शिकायतों को समय से निस्तारित करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कनाॅट प्लेस में स्थापित किए जा रहे स्माॅग टाॅवर प्रोजेक्ट का काम जून तक पूरा हो जाएगा, इसकी निगरानी के लिए क्लोज माॅनिटरिंग टीम गठित की गई है। दिल्ली के अंदर मौजूदा प्रदूषण को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को पानी के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज दिल्ली के अंदर प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आज हमने पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के सभी अधिकारियों के साथ बैठक की है और दिल्ली के अंदर मौजूदा प्रदूषण को लेकर के जो रिपोर्ट आ रही है, उस पर कार्रवाई करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, भविष्य के लिए एक दीर्घकालिक कार्य योजना विकसित करने के लिए निर्देशित किया गया है। अभी दिल्ली में प्रदूषण का जो स्तर है, उसके लिए आज हमने पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को निर्देशित किया है कि वे लोग पानी के छिड़काव का काम तेजी से आगे बढ़ाएं। साथ ही, जो हमारा ग्रीन वार रूम है, उसके माॅनिटरिंग सिस्टम को हम लोग और मजबूत कर रहे हैं। ग्रीन वार रूम में जिस भी विभाग की शिकायत आ रही है कि वहां से लापरवाही हो रही है, वहां पर समय सीमा के अंदर शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है, तो हम लोग अब सीधे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेंगे।

गोपाल राय ने कहा कि समीक्षा बैठक में हम लोगों ने आज दूसरे महत्वपूर्ण बिंदू धूल के प्रदूषण पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर धूल को लेकर के खासतौर से पिछले साल हमने कई जगह कार्रवाई की, लेकिन अभी तक धूल के प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जाए, इसके लिए आज एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी धूल के प्रदूषण को लेकर एक एक्शन प्लान सरकार को सौंपेगी। इस कमेटी में डीपीसीसी, आईआईटी दिल्ली, डीएमआरसी के साथ-साथ अलग-अलग विभागों के लोगों को शामिल किया गया है। दिल्ली सरकार धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक दीर्घकालिक कार्य योजना बनाने जा रही है, ताकि हम आगे काम कर सकें। उन्होंने कहा कि आमतौर पर अक्टूबर से लेकर फरवरी तक का जो समय होता है, उस दौरान काफी गतिविधियां चलती रहती हैं। उस दौरान प्रदूषण को लेकर लोग सोचते भी हैं और समझते भी हैं, लेकिन मार्च से लेकर सितंबर तक की जो समयावधि है, इस दौरान दिल्ली सरकार के एंटी पाॅल्यूशन कैंपेन को हम कैसे लागू करें, हम इसमें और क्या-क्या कर सकते हैं? इसको लेकर हम अलग- अलग विशेषज्ञों और अगल-अलग काम कर रहे सामाजिक संगठनों की सलाह भी लेंगे।

उन्होंने कहा कि हमने आज यह निर्णय लिया है कि 4 मार्च को दिल्ली सचिवालय में राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगेे। इस काॅन्फ्रेंस में तमाम एक्सपर्ट और अन्य लोगों को बुलाएंगे, ताकि इसके आधार पर हम अगले सितंबर तक की कार्य योजना बना सकें और उस पर सरकार गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि बैठक में एक बिंदू कनाॅट प्लेस में लगाए जा रहे स्माॅग टाॅवर पर भी विचार विमर्श किया है। कनॉट प्लेस में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से स्माॅग टाॅवर लगाने का काम चल रहा है, उस प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति क्या है और उसमें कितनी प्रगति हुई है? अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट ली गई। अधिकारियों ने बताया है कि जून तक स्माॅग टाॅवर प्रोजेक्ट को पूरा कर लेंगे। इसकी निगरानी के लिए हमने एक क्लोज माॅनिटरिंग टीम बनाई है, जो प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजदीक से नजर रखेगी, ताकि हम समय सीमा के अंदर स्माॅग टाॅवर को स्थापित कर सकें।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि राउंड टेबल मीटिंग में अलग-अलग काम कर रहे आईआईटी दिल्ली के लोग होंगे। इसके अलावा टेरी जैसे अन्य संगठन हैं, उनको भी हम मीटिंग में निमंत्रित करेंगे। प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर काम करने वाले अलग-अलग विशेषज्ञ भी होंगे, जो लगातार काम कर रहे हैं, उनको भी हम लोग निमंत्रित करेंगे। हम यह चाहते हैं कि सभी लोगों के सहयोग से एक सुझाव आए और उस सुझाव पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ विचार-विमर्श करके हम लोग सितंबर तक की कार्य योजना विकसित कर सकें।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को लेकर के पड़ोसी राज्यों और केंद्र सरकार के साथ भी बातचीत की जाएगी। मैं बार-बार यह कहता हूं कि दिल्ली के अंदर जो प्रदूषण की समस्या है, वह सिर्फ दिल्ली की नहीं है। नार्थ इंडिया का जो एयर सेट है, वह पूरे नार्थ इंडिया को प्रभावित करता है। पिछले दिनों हम लोगों ने दिल्ली के अंदर बायो डीकंपोजर का प्रयोग किया। हम लोगों ने इसकी पूरी रिपोर्ट पर केंद्रीय अथाॅरिटी में पीटिशन दायर किया है। अब हम लोग उसके फाॅलोअप पर लगेंगे। हम लोग चाहते हैं कि खासतौर से नवंबर के महीने में पराली की जो समस्या बढ़ती है, उसको लेकर बाॅयो डीकंपोजर का हमने दिल्ली के अंदर प्रयोग किया है, केंद्रीय अथाॅरिटी उस रिपोर्ट को सही से समझे और पराली की समस्या के समाधान के लिए अभी से तैयारी की जाए, ताकि पड़ोसी राज्यों में इसको लागू किया जा सके।

श्री राय ने कहा कि इसी तरह से हम आगे बातचीत करेंगे कि दिल्ली के चारों तरफ जो थर्मल पाॅवर प्लांट हैं, ये प्लांट बड़े पैमाने पर प्रदूषण पैदा करते हैं और इसका प्रभाव दिल्ली पर भी पड़ता है। इन थर्मल पाॅवर प्लांट से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर क्या कार्य योजना बनाई जा सकती है, इस पर विचार विमर्श करेंगे। दिल्ली सरकार दिल्ली के अंदर और दिल्ली के बाहर जो विशेषज्ञ प्रदूषण पर काम कर रहे हैं, उन सभी विशेशों के सुझावों को लेंगे। पिछले साल भी हम लोगों ने अक्टूबर के बाद काफी कार्रवाई की है। हम लोगों ने दिल्ली के अंदर एंटी डस्ट कैंपेन चलाया, दिल्ली के अंदर बाॅयो डीकंपोजर का प्रयोग किया, दिल्ली के अंदर हम लोगों ने ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी आॅॅफ’ कैंपेन किया, हमने ग्रीन वार रूम शुरू किया, हमने ग्रीन एप भी शुरू किया। हमने इन सभी गतिविधियों को जारी रखा है। इन गतिविधियों के अलावा, दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए और क्या किया जा सकता है? प्रदूषण पर काम कर रहे विशेषज्ञों और अलग-अलग संगठनों का हम सुझाव लेंगे और फिर दिल्ली सरकार इस पर विचार विमर्श करके कार्य योजना विकसित करेगी।

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