पीएम मोदी ने चौरी-चौरा शताब्दी समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया

PM Modi remembers Freedom Fighters at Chauri-Chaura Shatabdi Celebrations

आजादी की लड़ाई के दौरान घटी चौरी चौरा की ऐतिहासिक घटना के शताब्दी समारोह का उट्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कांफ्रेंस कॉल से किया गया। 4 फरवरी को चौरी-चौरा की घटना को 100 साल पूरे हुए। पीएम मोदी ने अपने भाषण पर कहा कि चौरी-चौरा का सन्देश बहुत बढ़ा, बहुत व्यापक था, आग थाने में नहीं लोगो के दिलो में लगी थी”। साथ ही उन्होंने समारोह में बताया कि चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना में किसानो की भी बहुत बड़ी भूमिका थी। नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि “यह दुर्भाग्य है कि चौरी चौरा के शहीदों की जितनी चर्चा होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई। इस संग्राम के शहीदों को, क्रांतिकारियों को इतिहास के पन्नों में भले ही प्रमुखता से जगह न दी गई हो, लेकिन आजादी के लिए उनका खून देश की माटी में जरूर मिला हुआ है, जो हमेशा प्रेरणा देता रहता है।”

चौरी- चौरा शताब्दी के उपलक्ष में रखे गए समारोह में योगी ने अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने फ़रवरी 1992 की संघर्ष को बहुत ही अमूल्य बताया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में उस समय हुई  बहुत सी घटनाओ पर रौशनी डाली। अंग्रेज जब सज़ा देने की बात पर अटल हुए थे, तभी बाबा राघव दास और पंडित मदन मोहन मालवीय ने 150 लोगो को फांसी लगने से बचाया। उन्होंने भारत के युवाओं को चौरी-चौरा पर रिसर्च करने और इसके बारे में लिखने को कहा। इससे चौरी–चौरा लोगो तक पहुंचेगी।

आपको बता दें कि यह घटना उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले में हुई थी जो कि भारत की आज़ादी की लड़ाई की महत्वपूर्ण घटनाओ में से एक है। जिसमे 22 पुलिस कर्मचारियों और आम नागरिको की हुई मौत थी। इस वजह से गांधी जी को असहयोग आंदोलन को रोकना पड़ा था। 2 फ़रवरी 1922 को भगवान आहिर ने शराब की बिक्री और खान-पान की वस्तुओ पर महंगाई पर विरोध किया था। अहिंसक विरोध के बावजूद पुलिस द्वारा किये गए लाठी चार्ज पर लोगो का गुस्सा फूट पड़ा था। थाने पर बहुत नेताओ के इखट्टा होने पर पुलिस ने ओपन फायरिंग करी और इस कारण प्रदर्शनकारियों ने थाने में आग लगा दी थी।

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