भारतीय पासपोर्ट पर सिर्फ इन देशों में मिल पाएगी एंट्री!

भारतीय पासपोर्ट की ताकत पर कितने देशों की कर पाएंगे यात्रा? रैंकिंग से कैसे लगाएंगे पासपोर्ट की ताकत का अंदाजा ? जानिये इस रिपोर्ट में

पासपोर्ट……. एक ऐसा जरिया जो आपको दूसरे देशों में अपनी पहचान के साथ सफर की आज़ादी देता है। लेकिन पासपोर्ट की ताकत पर निर्भर करता है की आपको कितने देशों में बिना वीसा लिए घूमने की आज़ादी है ? ऐसे में अगर आप भारतीय नागरिक हैं तो भारतीय पासपोर्ट की ताकत का आपको अंदाजा होना चाहिए।

किसी भी पासपोर्ट की रैंकिंग ही बताती है की उस पासपोर्ट पर बिना वीसा लिए आप कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं ? क्योंकि कई देश, दूसरे देशों के पासपोर्ट के बेसिस पर अपने देश में एंट्री नहीं देते हैं। इसलिए पासपोर्ट की ताकत की भी रैंकिंग तय होती है। जिस मामले में जापान का पासपोर्ट 2021 में सबसे शक्तिशाली माना गया है।

हेनले एंड पार्टनर्स ने शक्तिशाली पासपोर्ट की एक लिस्ट जारी की है जिस लिस्ट में हर देश के पासपोर्ट की रैंकिंग बताई गयी है। इस रैंकिंग में पहला स्थान जापान का है।, अमेरिका जिसकी   गिनती भले ही दुनिया के सबसे ताकतवर देश के तौर पर होती हो, लेकिन उसका पासपोर्ट इस लिस्ट में 7वें नंबर पर है। दूसरे नंबर पर सिंगापुर, तीसरे पर जर्मनी और साउथ कोरिया है।  चौथे स्थान पर चार देशों ने जगह पाई है जिनमें फिनलैंड, इटली, स्पेन और लक्जेम्बर्ग शामिल है। 5वें स्थान पर ऑस्ट्रिया और डेनमार्क हैं और छठे नंबर पर 5 देश हैं, जिनमें  फ्रांस, नीदरलैंड्स स्वीडन और पुर्तगाल शामिल हैं। इन देशों के बाद

भारत की रैंकिंग सुन कर आप हैरान हो जाएंगे जो है 85th, जी हाँ भारत को इस लिस्ट में  85वां स्थान दिया गया है जबकि पाकिस्तान को इस लिस्ट में नीचे से चौथा स्थान मिला है।

अब  रैंकिंग के आधार पर आप कितने देशों की यात्रा बिना वीसा के कर सकते हैं ? ये सवाल काफी अहम है। तो आपको बता दें की जापान जिसका स्थान शक्तिशाली पासपोर्ट के मामले में पहला स्थान है उस पासपोर्ट पर आप लगभग 191 देशों की यात्रा बिना वीसा लिए कर सकते हैं। यानी जापान का पासपोर्ट अगर आपके पास है तो आपको 191 देशों में on arrival की facility दी जाती है। जबकि अगर बात की जाए भारत कि तो आपको भारतीय पासपोर्ट पर सिर्फ 58 देशों में on arrival की सुविधा दी गयी है। यानी बिना वीसा लिए भारतीय पासपोर्ट पर आप सिर्फ 58 देशों की ही यात्रा कर पाएंगे। अब अगर हम बात करें 2018 की, तो 2018 में भारतीय पासपोर्ट का रैंक 66th यानी 66वां था जिसपर बिना वीसा लिए भारतीय पासपोर्टधारकों को  65 देशों की यात्रा करने की फैसिलिटी दी गयी थी। तो आखिर किस वजह से भारत इन 2 सालों में इतने निचले पायदान पर आ पहुंचा ?

बता दें किसी भी देश के पासपोर्ट की रैंकिंग उस देश के दूसरे देशों के साथ सम्बन्ध पर भी निर्भर करती है। जैसे अगर कोई विदेशी नागरिक भारत घूमने आता है तो कई देशों के नागरिकों को बिना वीसा लिए भारत में एंट्री नहीं है। इस कॉन्टेक्स्ट में अगर भारतीय नागरिक भी उस देश की यात्रा करना चाहेगा तो उसकी एंट्री बिना वीसा के रेस्ट्रिक्ट कर दी जाएगी। तो यहाँ समझा जा सकता है की इन दो सालों में भारत ने कितने देशों के पासपोर्ट को मंजूरी नहीं दी होगी जिस वजह से भारतीय पासपोर्ट को भी उन देशों में रेस्ट्रिक्ट कर दिया गया है और इसी वजह से भारत इतने नीचे स्थान पर आ पहुंचा है। साथ ही ये बहुत बड़ी वजह है जिसके चलते भारतीय नागरिक अपना पासपोर्ट खारिज करवाकर किसी दुसरे देश का पासपोर्ट लेना चाहते हैं क्योंकि उस पासपोर्ट पर उन्हें भारतीय पासपोर्ट के मुकाबले ज़्यादा सुविधाएं मिलेंगी।

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