मोटेरा हुआ मोदी के नाम, ट्विटर पर ट्रोलिंग शुरू

मोटेरा स्टेडियम अब प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है #नरेंद्र_मोदी_स्टेडियम

मोटेरा स्टेडियम और प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी कल से ही सुर्ख़ियों  में बने हुए हैं। इन दोनों नामों के साथ ट्विटर पर ट्वीट्स की कतार लग गयी है। ट्विटर पर कल से ही #नरेंद्र_मोदी_स्टेडियम और  #सरदार_पटेल_का_ अपमान, ये हैशटैग्स काफी ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये है की आखिर ऐसा क्या हो गया ? जो ट्विटर के गलियारों में मोटेरा स्टेडियम और माननीय प्रधानमन्त्री मोदी का नाम ज़ोरो शोरों से गूंजने लगा।

गुजरात के अहमदाबाद में कैपेसिटी के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का उदघाटन हो गया। यह उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों हुआ जिस वक़्त वहां गृह मंत्री अमित शाह साथ ही खेल मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी देखी गयी लेकिन बवाल तब हुआ जब खबर सामने आयी की इस उदघाटन के बाद ही स्टेडियम का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम से बदलकर, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दिया गया है। इस खबर ने मानो सोशल मीडिया के गलियारों में भूचाल ला दिया हो। देश के युवा पहले से ही #मोदी_रोज़गार_दो ट्रेंड कर रहे थे इतने में ही मोटेरा स्टेडियम ने USERS को प्रधानमन्त्री का विरोध करने की एक और कड़ी पकड़ा दी। लोगों ने ट्विटर पर प्रधानमन्त्री मोदी के विरोध में MEMES की भी भरमार लगा दी।

मोटेरा स्टेडियम को 2015 में पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया था जिसके बाद 2017 में दुबारा इसका रिकंस्ट्रक्शन प्रोसेस शुरू हुआ। उस वक़्त नए सिरे से इसे सरदार पटेल स्टेडियम या मोटेरा स्टेडियम के नाम से जाना गया। इस स्टेडियम को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ दुनियां में सबसे ज़्यादा कैपेसिटी वाले स्टेडियम के रूप में तब्दील कर दिया गया। बता दें की 1982 तक इस स्टेडियम में सिर्फ 53,000 दर्शकों के बैठने की कैपेसिटी थी जो अब बढाकर 1 लाख दस हज़ार कर दी गयी है। यह स्टेडियम 63 एकड़ में फैला है, जिसमें तीन एंट्री गेट्स हैं। दुनिया के इस सबसे बड़े स्टेडियम में तीन प्रैक्टिस ग्राउंड्स, क्लब हाउस, ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल और एक इनडोर क्रिकेट एकेडमी भी बनाई गई है। स्टेडियम का स्ट्रक्चर ऐसा है कि जब भी कोई खिलाड़ी बाउंड्री मारे तो स्टेडियम में बैठने वाला हर क्रिकेट प्रेमी उस बाउंड्री को देख पाए। यह दुनिया में एकलौता ऐसा स्टेडियम है, जिसमें प्रैक्टिस और सेंटर पिच के लिए एक ही मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। यहां बेहतर व्यू और परछाई को दूर करने के लिए पूरी गोलाकर छत पर एलईडी लाइट लगाई गयी है।

इसके अलावा इस स्टेडियम की अपनी कुछ ACIEVEMENTS है पुराने स्टेडियम में पांच वर्ल्ड कप मैचों के आयोजन सहित कुल 23 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन किया जा चुका है, यहां पर 2011 वर्ल्ड कप का भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच क्वार्टरफाइनल मुकाबला भी खेला गया था, यह स्टेडियम सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय वनडे मैचों का आयोजन करने वाले भारत का दूसरा स्टेडियम है।

लेकिन इन सबके बावजूद सुई यहाँ आकर अटक गयी की भाई आखिर इस स्टेडियम के नाम को बदलकर प्रधानमन्त्री मोदी के नाम पर रखने की क्या ज़रुरत पड़ गयी ? लोग इसलिए खफा नहीं हैं क्योंकि प्रधानमन्त्री मोदी के नाम पर इस स्टेडियम का नवनिर्वाचित नामकरण हुआ, बल्कि इस बात से खफा हैं की आखिर क्यों सरदार पटेल का नाम बदलकर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का के नाम से स्टेडियम का उदघाटन किया गया। सवाल काफी बड़ा और अहम है जिसकी जवाबदेही का ज़िम्मेदार इस वक़्त कोई नहीं है। सरकार भी नहीं। यही वजह है की ट्विटर पर इस वक़्त इस खबर के आते ही मीम्स ने खलबली मचाई हुई है।

लोगों ने क्या रिएक्शन दिए?

एक यूज़र ने अडानी और रिलायंस एन्ड की फोटो शेयर करते हुए लिखा “अडानी और रिलायंस एन्ड के बीच मेरा देश मोदी स्टेडियम में खेल रहा है।

दूसरे ट्वीट में यूज़र, मोदी की फोटो 2000 के नोट पर शेयर करते हुए  लिखता है……. #नरेंद्र_मोदी_स्टेडियम……. अगर 2024 में  बीजेपी चुनाव जीती तो यही होगा।

 

तीसरे यूज़र ने अमित शाह और नरेंद्र मोदी का मीम शेयर किया जिसमें प्रधानमन्त्री मोदी अमित शाह के लिए कह रहे हैं, ये बोल रहा है की ईडेन गार्डन का नाम बदलकर अमित शाह स्टेडियम रख देते हैं।

इस यूज़र ने पद्मावत के रणवीर का फोटो शेयर करते हुए लिखा “मोटेरा स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दिया गया, इस वक़्त मोदी जी कह रहे होंगे “ये तोहफा हमने खुद को दिया है।”

यही नहीं एक यूज़र ने तो प्रधानमन्त्री मोदी की तुलना  शरद पवार से करते हुए शरद पवार की उपलब्धियों के सामने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को नीचे दिखा दिया। इस यूज़र ने शरद पवार इंदौर क्रिकेट अकैडमी एंड रिक्रिएशन सेंटर की फोटो शेयर करते लिखा ” 1983 WC me 500 wicket लेने वाले और 2011 WC में  MAN OF THE SERIES रहने वाले।  70000 test runs, 67000 ODI runs, 2  में triple century ..और भी कई रिकार्ड्स हैं इनके नाम पर तभी तो इनके नाम स्टेडियम है।

एक दूसरे यूज़र ने सरदार पटेल का STATUE का MEME शेयर किया जिसमें STATUE पर पटेल की जगह प्रधानमन्त्री मोदी की तस्वीर लगा दी है और सवाल किया गया की क्या सरदार वल्लभ भाई पटेल के STATUE पर भी मोदी का चेहरा लगा दिया जाएगा।

इन MEMES को देखने के बाद भी एक सवाल काफी बड़ा है की प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेडियम का नाम अपने नाम पर रखने से मना क्यों नहीं किया ? अभी तक ऐसे कई पड़ाव आये हैं जहाँ देश में कई महत्वपूर्ण शिलाओं का नामकरण नरेंद्र मोदी के नाम पर करने की मांग की गयी है। उनमें से ज़्यादातर के लिए नरेंद्र मोदी जी इंकार भी कर चुके हैं फिर अब इतने बड़े स्टेडियम का नाम बदले जाने पर उन्होंने ऐतराज़ क्यों नहीं जताया ? बेशक प्रधानमन्त्री, सरदार पटेल का दिल से सम्मान करते हैं लेकिन अगर इतना सम्मान करते हैं तो सरदार पटेल के नाम पर जो स्टेडियम बरसो से हैं उनका नाम अपने नाम से बदले जाने पर प्रधानमन्त्री मोदी ने इंकार क्यों नहीं किया ? इस सवाल के जवाब का इंतज़ार जारी है

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