बिना तलाक लिव इन में रहना है खतरनाक – इन बातों को जान लीजिये

Live In Relationship Law in India - Live in relation without Divorce is a dangerous, know these facts - Spark News

नमस्कार, स्वागत है आपका हमारे चैनल Spark News में और मै हूँ आपके साथ निधि। Live-in Relationship यानी की जब दो लोग मतलब एक स्त्री और पुरूष बिना शादी किए एक दूसरे के साथ रहते है तो उसे लिव इन रिलेशन कहते है। अब सवाल ये है कि क्या ये Live-in Relation हमारे देश में कानूनी तौर पर जायज है क्या हमारा देश का कानून ऐसे रिश्तो को सपोर्ट करता है। अगर करता भी है तो किस तरह से करता है इन सभी सवालो पर आज हम बात करेंगे।

बड़े शहरो में लिव इन रिलेशन में रहना एक आम बात हो गई है। हमारे देश में भी ऐसे लाखो की तादाद में लोग है जो लिव इन रिलेशन में रह रहे है। लेकिन इलाहबाद हाईकोर्ट नें एक मामले की सुनवाई के दौरान ये बात साफ साफ शब्दो में कही थी कि बिना तलाक के किसी और स्त्री या पुरूष के साथ रहना लिव इन नही ब्लकि Crime की Category मे आएगा। 2013 में Supreme Court भी ये स्पष्ट कर चुका है कि देश की विधायिका भी लिव इन रिलेशन को वैध मानती है।

आपको बता दे कि 2013 में Supreme Court ने एक Guidelines जारी की थी जहा कोर्ट ने ये कहा था कि दो लोग यानी स्त्री और पुरुष अगर लंबे समय से एक दूसरे के साथ खुशहाल तरीके से रह रहे है तो वे दोनो लिव इन रिलेशन में रहने के लिए पूरी तरह से आजाद है। साथ ही 2018 में Supreme Court ने ये भी कहा था कि अगर दो लोग काफी समय से एक दूसरे के साथ रह रहे है और उनके बीच संबंध है तो ऐसे में अगर साथी की मौत हो जाती है तो दूसरे का उसकी Property पर पूरा हक होगा। यह जो फैसला है ये Justice एमवाय इकबाल और Justice अमितावा रॉय की बेंच ने सुनाया था। बेंच का ये कहना था कि लंबे समय तक साथ रहने पर ये मान लिया जाएगा कि Couple शादीशुदा है। अगर कोई इसका विरोध करता है तो उन्हे ये साबित करना होगा कि साथ रह रहे couple कानूनी रूप से वैवाहित नही है।

बेंच ने आगे ये भी बताया कि जब एक स्त्री और पुरूष लंबे समय तक सहवास यानी की शारीरीक संबंध बना चुके होते है तो ये बात साफ है कि कानून शादी के हक में है। हालाकि इसके खिलाफ अगर कोई Proof दे दे तो इसका खंडन किया जा सकता है।अब सवाल उठता है कि Live-in Relation में रहने के दौरान अगर बच्चा पैदा हो जाए तो उसे कानूनी तौर पर क्या क्या हक दिए जाते है। आपको बता दे भारत का जो कानून है वो Live-in Relation में पैदा हुए बच्चो के हक में है। Live-in Relation में रहने के दौरान अगर बच्चा पैदा होता है तो उसे नाजायज नही कहा जाएगा ब्लकि उसे भी अपने Biological Father की Property पर वैसा ही हक मिलेगा जैसा शादी के बाद पैदा हुए बच्चे को मिलता है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल कहते है कि लिव इन रिलेशन में रहने के लिए मौजूद कानून अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नही है। एक तरफ Adultry कानून कहता है कि दो लोगो की मर्जी से बने संबंध Crime  की Category में नही आते वही शादीशुदा के साथ रहना Crime है। कानून में ये सब स्पष्ट होना चाहिए।

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