ट्विटर को मात देने आया “कू एप”, क्या जीत पाएगा लोगों का दिल?

सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी का माहौल पसरा हुआ है ऐसे में एक नया एप लांच कर दिया गया है जो ट्विटर की जगह लेगा।

देश में टिकटॉक बैन होने के बाद से ही आत्मनिर्भर भारत अभियान को ज़ोरों शोरों से हवा दी जा रही है। जिसके तहत टिकटॉक के कई दूसरे देसी विकल्प खोज लिए गए हैं। लेकिन ट्विटर की जगह भी किसी देसी एप को मिल जाएगी ये शायद ही किसी ने सोचा होगा। दरअसल आजकल कू एप की काफी चर्चा हो रही है और यह माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का देसी विकल्प माना जा रहा है।

बेंगलुरु बेस्ड अप्रमेय राधाकृष्णन ने पिछले साल इस देसी ऐप को डेवलप किया था और सबसे खास बात ये है कि यह डिजिटल इंडिया आत्मनिर्भर भारत इनोवेटिव चैलेन्ज का विनर रहा है। बता दें की कू एप तब ज़्यादा सुर्ख़ियों में आया जब केंद्रीय एवं रेल मंत्री पियूष गोयल ने इस एप पर अपने अकाउंट बनाने की चर्चा शुरू की। पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने होमेग्रोन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफार्म को एप को ज्वाइन कर लिया है।

गौरतलब है की ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच काफी समय से तनातनी छिड़ी हुई है। इसी वजह से यह कयास लगाए जा रहे हैं की सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी ही इस एप को लॉन्च करने की असल वजह है। अब ऐसे में सरकार की पूरी कोशिश है की कुछ ऐसे ही नामी चेहरे इस एप को ज्वाइन करें क्यूंकि इस से लोग इस प्लेटफार्म की ओर काफी आकर्षित होंगे। हालांकि काफी लोगों ने इस एप को यूज़ करना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक़ कू एप के डेवेलपर्स ने इस एप को iOS और android पर लाइव कर दिया है। इसलिए अगर कोई इस एप को यूज़ करना चाहता है तो वो प्लेस्टोर से इस एप को डाउनलोड और इनस्टॉल कर सकता है।

यही नहीं कू एप ने अपनी एक वेबसाइट भी जारी की है जिस वेबसाइट पर लोगों को इस एप से जुडी जानकारी मिल सकती है। लेकिन अभी भी इस एप से ज़्यादा लोग ट्विटर इस्तेमाल करना बेहतर समझ रहे हैं। ऐसे में ये देखना होगा की आने वाले समय में इस एप के लिए लोगों का प्यार उमड़ता है या ट्विटर का क्रेज़ बरकरार रहेगा।

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