किसान ट्रैक्टर परेड की तैयारियां पूरी, ये रहेगा रूट

Kisan Tractor Parade: Preparation is completed, this will be the root

नमस्कार दोस्तो, स्पार्क न्यूज़ के लिए मै हूं निधि और आज हम बात करेंगे 26 जनवरी को निकलने वाली किसान ट्रैकटर परेड की। दो महीनो से हो रहे किसान आंदोलन के चलते अब 26 जनवरी के मौके पर किसानो ने ट्रैकटर रैली निकालने को अपनी कमर कस ली है। तो अब सवाल ये है कि किसानो की ये ट्रैकटर रैली कहा से शुरू होगी और किस रूट पर कहा तक जाएगी। इन सभी पर हम बात करेंगे हमारी आज की इस Video में।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान पूरी तरह से तैयार है अपने ट्रैकटर के साथ। ट्रैकटर की टंकी हो चुकी है फुल। अब ये तो तय हो ही चुका है कि राजधानी की सड़को पर दौड़ेंगे किसानो के ट्रैकटर। किसानो की इस ट्रैकटर रैली पर Guidelines जारी कर दी गई है, पुलिस अलर्ट हो चुकी है। साथ ही पुलिस नें किसानो को ट्रैकटर दौड़ाने की चार दिवारी भी बता दी है कि कहा तक ट्रैकटर जाएंगे, किन रास्तो पर चलेंगे और कहा नही चलेंगे।

पुलिस के मुताबिक किसानो की ट्रैकटर रैली के पहले रूट का चक्कर 62 से 63 किलोमिटर तक का होगा जिसमें किसान सिंघू बार्डर से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए कंजावला, बवाना और चंडी बार्डर को पार करके केएमपी Expressway जाएंगे और फिर वापस सिंघू बार्डर पर लौट आएंगे।

वही अपने दूसरे रूट में किसान टिकरी बार्डर से नागलोई, नज़फगढ़ और जाड़ौदा होते हुए Western Peripheral Expressway तक जाएंगे। ये पूरा चक्कर भी 63 किलोमिटर तक का होगा।

तीसरे रूट में किसान गाज़ीपूर से 56 फूट रूट अप्सरा बार्डर, हापुड़ रोड से केजीटी EXPRESSWAY तक जाएंगे। और ये रूट 46 किलेमिटर तक का होगा।

किसानो द्वारा की जाने वाली इस ट्रैकटर रैली पर दिल्ली पुलिस को शक है कि किसानो की ट्रैकटर रैली में किसी तरह की गड़बड़ी की जाने की साजिश रची जा रही है और इसका जो BLUEPRINT है वो हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में तैयार हुआ है।अब ऐसे में दिल्ली पुलिस ने तय किया है कि ट्रैकटर रैली पर पूरी निगरानी होगी। निगरानी करने के लिए DRONE CAMERA का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही कड़ी नज़र रखने के लिए पुलिस सादे कपड़ो में रहेगी।

लाखो की तादाद में यहा ट्रैकटर मौज़ूद है, संख्या का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो रहा है। हर कोई 25 जनवरी तक दिल्ली बार्डर पहुँचने की कोशिश कर रहा है। किसानो की ये ट्रैकटर रैली शक्ति का प्रदर्शन तो है ही साथ ही ये एक तरह का सरकार को संदेश भी है। भले ही किसान इस ट्रैकटर रैली से आंदोलन में जोश बढ़ा रहे है लेकिन क्या गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा एजेंसियो के लिए एक साथ दो दो बड़े आयोजन संभालना किसी इम्तिहान से कम होगा।

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