क्या अब देश में पत्रकार होना गुनाह है? मंदीप पुनिया के साथ क्या हुआ था? धर्मेंद्र सिंह ने खोली पोल

सिंघु बॉर्डर पर पुलिस से कथित तौर पर बदसलूकी करने के आरोप में मंदीप पुनिया को गिरफ्तार किया गया था, जिस मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद मंदीप को मिलेगी ज़मानत

30 जनवरी को Freelance Journalist यानि स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को पुलिस ने हिरासत में लिया ! मंदीप पुनिया इन दिनों लगातार सिंघु बाॅर्डर की हालिया स्थिति पर कवरेज कर रहे थे! शनिवार यानि 30 जनवरी को देर रात एक विडियो वायरल हुई जिसमें मंदीप पुनिया को पुलिस ज़बरदस्ती घसीटते हुए ले जाती हुई दिखी ! सिंघु बार्डर पर आंदोलनकारियों के मुताबिक पुलिस ने मंदीप पुनिया को बड़ी ही बेरहमी से पीटा! लेकिन यह वाक्या सिर्फ इतना ही नहीं था!
मंदीप पुनिया से पहले एक और पत्रकार को पुलिस ने हिरासत में लिया था जिनका नाम धर्मेन्द्र सिंह बताया गया! धर्मेन्द्र सिंह ने भी अपने YouTube channel पर एक विडियो जारी किया जिसमें उन्होंने बताया कि उस दिन असल में हुआ क्या था क्योंकि जो कुछ भी 30 जनवरी की रात हुआ  धर्मेन्द्र सिंह उसके चश्मदीद गवाह है! धर्मेन्द्र के मुताबिक, वो वहां लोगों से पूछ रहे थे कि वहाँ उस वक्त की क्या अपडेट है लेकिन मानो पुलिस ने पहले ही योजना बनाई हुई थी कि धर्मेन्द्र को आड़े हाथों लेना है! हालांकि धर्मेन्द्र पुलिस के reaction से यह बात समझ गये थे लेकिन फिर भी धर्मेन्द्र ने अपना मीडिया कार्ड पुलिस को दिखाया, पर कार्ड दिखाने के बावजूद पुलिस ने धर्मेन्द्र की एक नहीं सुनी और धर्मेन्द्र के साथ हाथापाई पर उतर आई! वहीं मनदीप पुनिया भी मौजूद थे, उन्होंने उस वक्त भी अपनी आवाज़ बुलंद रखी और कहा कि आप पत्रकार के साथ बदसलूकी कैसे कर सकते हैं! मनदीप के इतना बोलने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी घेर लिया और घसीटते हुए अंदर ले गये!
सबसे खौफनाक बात यह है कि मंदीप को हिरासत में लेने के 18 घंटे बाद तक भी पुलिस ने उनके साथी पत्रकारों या उनके परिवार को कोई सूचना नहीं दी थी ! हालांकि धर्मेन्द्र सिंह को उसी रात रिहा कर दिया गया था लेकिन मंदीप को लेकर कोई जानकारी पुख्ता नहीं की गई थी ! पुलिस के मुताबिक उन्होंने सिंघु बार्डर पर हालात को देखते हुए वहाँ बैरिकेटिंग लगाई थी जिस बैरिकेटिंग को मनदीप पुनिया समेत कई लोगों ने लांघने की कोशिश की थी और जब इस मामले में पुलिस ने मनदीप को रोकने की कोशिश की तो मनदीप ने पुलिस के साथ बदतमीज़ी की इसलिए पुलिस ने मनदीप को हिरासत में लिया! लेकिन पुलिस की इस दलील में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं थी जिसे साफ शब्दों में धर्मेन्द्र सिंह बता चुके हैं!
पुलिस के इस रवैये का विरोध नई दिल्ली की सड़कों पर जमकर दिखाई दिया! जब रवीश कुमार जैसे तमाम नामचीन पत्रकार सड़क पर उतरे तो जानकारी मिली की मनदीप को तिहाड़ जेल ले जाया गया था और मनदीप पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 186, 323, और 353 के तहत FIR दर्ज की है! मनदीप पुनिया पर इस तरह की कार्यवाही से सोशल मीडिया पर आक्रोश भरे ट्वीट्स की कतार लग गई! राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, और देश के कई पत्रकारों ने मनदीप पुनिया की इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाये है! वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने जेलर साहब को चिट्ठी लिखी जो सोशल मीडिया के गलियारों से गुज़रती हुई सबके दिमाग में घर कर चुकी है! सिर्फ रवीश ही नहीं, अभिसार शर्मा जैसे कई पत्रकारों ने इस सुलूक की निंदा की है! हालांकि इस मामले की ताज़ा अपडेट के मुताबिक, मनदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है! जिसपर सोमवार को सुनवाई होगी!
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