IphoneScam: फ्री Iphone स्कीम की आड़ में ठगता था शख्स

आखिर कौन है ये नील पटेल ?

ऑनलाइन शॉपिंग आजकल हर व्यक्ति की पहली पसंद बन गयी है। कई बार इसको लेकर जो फ्रॉड होते है उनसे जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरती रहती है। ऐसी ही 1 SCAM की न्यूज़ इन दिनों काफी चर्चा में है। लोग ट्वीट करते हुए अपने साथ हुए फ्रॉड के बारे में बता रहे है

आये दिन कोई न कोई विषय चर्चा का मुद्दा बन जाता है जिसपर यूजर्स मीम्स के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करते है। इन दिनों 1 ऐसा ही मामला ट्विटर पर काफी ट्रेंड कर रहा है। आज सुबह से ही ट्वीटर पर #iphonescam सुबह से ट्रेंड हो रहा है।  आपको बता दे की ये मामला एक US में रहने वाले बिज़नेस मैन नील पटेल से जुड़ा है। नील पटेल उर्फ हितेश पटेल ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का भी वादा किया था जो ट्विटर को टक्कर देगा। लेकिन हाल ही में, नील के  खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं।

संभावित घोटाले का आरोप 15 फरवरी 2021 को सामने आया था जब निशांत सिंह और अभिमन्यु सराणा ने नील के खिलाफ 30 मिनट की एक वीडियो अपलोड की थी। उस वीडियो में उन्होंने नील के IPHONE SCAM के बारे में बताया है। उन्होंने वीडियो में ये भी बताया की कैसे नील पटेल लोगो को ठगता है। वीडियो में ये भी बताया गया की नील पिछले 15 सालो से इसी तरह लोगो का फायदा उठा रहा है।

Sweden Visa Fraud-आपको बता दे कि नील पर पहला आरोप जो लग रहा है वो ये है कि 2005-06 में नील ने स्वीडन वीजा घोटाला किया था यही नहीं 2005-06 में नील पटेल ने एक फर्जी नौकरी घोटाला भी किया था जिसमें उन्होंने स्वीडन में नौकरियों का वादा किया था। उसके लिए, उसने हर उस व्यक्ति से मोटी फीस ली, जिसने आवेदन किया था। कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए, उन्होंने सभी को कार्य VISA के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा। जब वह किसी के लिए कार्य VISA सुरक्षित करने में विफल रहा, तो उसके ग्राहकों ने उनके द्वारा किए गए भुगतान के लिए धन वापसी की मांग की।

उस समय नील ने लोगो को धमकी दी थी जिसमें नील ने उन लोगों से कहा की उन्होंने नकली दस्तावेज जमा किए हैं,और धोखाधड़ी की है। इसके बाद किसी भी कानूनी मुकदमे से खुद को बचाने के लिए, किसी ने नील के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं की। हालाँकि, स्वीडन सरकार को इस बात का संकेत मिल गया था कि वह क्या कर रही है, और उन्होंने एक ऑफिसियल बयान जारी किया जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीडन के लिए इस तरह की कोई नौकरी की पेशकश नहीं थी और लोगों को स्वीडन में नौकरी सुरक्षित करने के लिए किसी को पैसा नहीं देना चाहिए।

Bitcoin Scam- वीडियो में बताया गया की इस SCAM के बाद नील US में शिफ्ट हो गया था। उस वक़्त BITCOINS काफी ट्रेंड में था। नील ने मौका देखते ही बिटकॉइन में इन्वेस्ट करना शुरू किया। नील कई ग्रुप्स में शामिल हो गया और खुद को बाजार में एक Expert के रूप में पेश करते हुए दुनिया भर के लोगों से बात की। कुछ समय बाद, नील ने धीरे-धीरे पेनीट्रैडर्स नाम के अपने नए वेंचर के लिए लोगों को उकसाना शुरू कर दिया।

पटेल ने लोगों को बताया कि उसने ऐसे SCRAPERS इनस्टॉल किए हैं जो बिटकॉइन के स्क्रैप इकट्ठा करते हैं और इन्वेस्टर्स को 5 से 10 USD देने का वादा किया। शुरुआत में कुछ प्रभावशाली लोगों को वापसी दी जिन्होंने उन्हें बढ़ावा दिया और दिखाया कि कैसे उन्होंने पटेल की मदद से पैसे कमाए। जब सैकड़ों लोग उसकी योजना में शामिल हुए, तो उसने सारा पैसा इकठ्ठा किया और उसके बाद पेन्टीट्रैडर्स अचानक बंद हो गए। कुछ महीने पहले Change.org पर नील के खिलाफ एक याचिका भी दर्ज की गई थी। इस घोटाले में, सुहेल खान नाम का एक व्यक्ति भी शामिल था। वीडियो में बताया गया है कि सोहैल के कुछ कांग्रेस कनेक्शन भी हैं और वह गुजरात के एक व्यवसायी हैं।

Band Haq Fraud- निशांत ने आरोप लगाया कि नील ने 2020 से पहले एक बैंड के ऑफिसियल ट्विटर को हैक कर लिया था और उसे अपने नाम के साथ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। बैंड का नाम Night Terrors of 1927 था। जनवरी 2020 में, बैंड के सदस्यों में से एक ने ट्विटर पर संपर्क किया और उनसे अकाउंट को Re-Claim  करने की मांग की लेकिन वह सफल नहीं हो सका।

ये कहानी यही ख़तम नहीं होती आपको बता दे की पटेल ने एक मौका देखते ही चैरिटी के नाम पर लाखों रुपये का इन्वेस्टमेन्ट किया और लोगों की मदद की। उन्होंने एक सफल व्यापारी और सोशल वर्कर के रूप में अपनी छवि बनाई।

जब नील ने सबका विश्वास हासिल कर लिया, तो उसने ट्विटर पर एक और घोटाला किया। उसने दिवाली पर उपहार के रूप में मुफ्त में आईफ़ोन, सैमसंग फ़ोन, टैबलेट और अन्य गैजेट्स की पेशकश की। निशांत ने आरोप लगाया कि लगभग 8000 गैजेट्स बेचे गए, जिनमें से केवल कुछ ही लोगों को दिया गया।

निशांत ने बताय कि जब किसी ने अपने सोशल मीडिया एप्लिकेशन से  किसी गैजेट को बुक किया, तो उसने फ़ोन की गैलरी हैक कर के साड़ी फोटोज निकल ली जब किसी ने उसके खिलाफ करवाई करने की सोची तो नील ने उन्हें ब्लैक मेल करके उनका मुँह बंद करवा दिया।

घोटालो की लिस्ट यहाँ खतम नही होती उसने ऐसा ही एक और घोटाला की जिसमे वो लोगों को class देता था, और उन्हें सिखाता था कि बाजार में कैसे व्यापार किया जाए। बदले में, उसने हर व्यक्ति से 45,000 रुपये लिए। class में लगभग 800-900 लोग शामिल हुए। जब लोगों को यह महसूस होने लगा कि उनके इससे कोई लाभ नहीं है, तो वे पैसा वापसी की मांग करने लगे। जिस किसी ने रिफंड की मांग की, उसे ग्रुप से बाहर निकाल दिया गया।

Crypto Currency Fraud- पटेल ने Squeakcoin के नाम से अपनी खुद की crypto currency लांच की। हर सिक्के के लिए 1,32,000 रुपये की पेशकश की। अपनी currency को बढ़ावा देने के लिए, उसने हर सिक्के के साथ एक मुफ्त ऑफर प्राप्त करने की पेशकश की। सभी के लिए एक रेफरल बोनस की भी पेशकश की जो इस योजना में अधिक सदस्य लाए थे। यह स्पष्ट नहीं है कि पटेल ने इस घोटाले से कितना पैसा कमाया।

2020 में, पटेल ने फिर से खान से संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या वह crypto currency बेचने में शामिल होना चाहते हैं। खान ने कहा कि उन्होंने उनसे पिछले हर व्यक्ति से पैसे वापस करने के लिए कहा और उसके बाद ही वह कुछ भी नया काम करने के बारे में सोचेंगे। खान, जिन्होंने 23 वर्षों तक वायु सेना में सेवा की थी और वर्तमान में अपनी ड्रिलिंग कंपनी चलाने वाले ठेकेदार के रूप में काम कर रहे थे।

नील पटेल ने ट्विटर पर कई स्पष्टीकरण पोस्ट किए हैं।उन्होंने कुछ स्क्रीनशॉट पोस्ट किए जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने बेनकाब करने से पहले यूएसडी 5000 निकालने की कोशिश की।  पटेल ने एक ट्वीट में दावा किया कि वह साबित कर सकते हैं कि वह 2005-2006 के दौरान भारत में भी नहीं थे।

पटेल ने पिछले 24 घंटों में कई बार दावा किया है कि उन्हें अपने खिलाफ सभी आरोपों का सामना करने के लिए कुछ समय चाहिए।

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