सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्यों इंतज़ार जब आरबीआई का मोरिटोरियम प्लान है जानदार

ऋण स्थगन (Moratorium) पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी तक नहीं आया है लेकिन आरबीआई की मोरिटोरियम स्कीम पर सोचा जा सकता है!

लोन मोरीटोरियम पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर है पर फिर भी फैसले का इंतज़ार बरकरार है! सुप्रीम कोर्ट का रूख इसलिए तय करना पड़ा क्योंकि आरबीआई की नई मोरिटोरियम स्कीम उतनी कारगर नहीं लगी! पर आरबीआई की नई मोरिटोरियम स्कीम को शायद ठीक से समझा नहीँ गया ! असल में आरबीआई ने ये स्कीम उन लोगों को सुविधा देने के लिए लाई है जिन्हें कोरोना की दूसरी लहर ने एक बार फिर कर्ज तले दबा दिया है! क्योंकि कोरोना में भले ही लाॅक्डाउन क्यों ना लग जाए…. अर्थव्यवस्था ठप्प क्यों ना पड़ जाए…. आम आदमी की जेब खाली क्यों नख पड़ी रहे पर बैंक तो अपनी ईएमआई वसूलेगा ही! इसलिए ऐसे लोग जो सचमुच इस परेशानी का सामना कर रहे हैं या आसान शब्दों में कहें तो जो लोग अपनी ईएमआई चुकाने की हालत में नहीं है उनके लिए आरबीआई की मोरिटोरियम स्कीम संजीवनी से कम नहीं है!

आरबीआई ने 6 मई को मोरिटोरियम 2.0 का ऐलान किया था जिसमें आप अपने लोन पीरीयड को 2 साल तक बढ़ा सकते हैं! इस नयी स्कीम में कर्जधारको को 25 करोड़ रूपये तक के एक्सपोज़र की राहत दी गई है! बस शर्त सिर्फ इतनी है कि आपका अकाऊंट 31 मार्च 2021 तक स्टैंडर्ड होना चाहिए यानी उसमें कोई डिफाल्ट नहीं होना चाहिए! अब अगर आप ऐसा सोचकर बैठे है कि आपने पिछले साल रिस्टर्कचरिंग का लाभ उठाया है तो आप इस नई स्कीम का फायदा नहीं ले सकते हैं तो ऐसा मत सोचिए क्योंकि तब भी आप आरबीआई की इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं!

लेकिन अगर आप रिस्टर्कचरिंग का आॅप्शन चुनते है तो आपको इसका तगड़ा खामयाज़ा भुगतना पड़ सकता है! क्योंकि अगर आपने ये आॅप्शन चुना तो रीपेमेंट पीरीयड 2 साल बढ़ जाएगा! इसलिए आपमें से जितने भी लोग इस वक्त ईएमआई का भुगतान कर पाने में काबिल नहीं है उन्हें आरबीआई की इस मोरिटोरियम 2.0 स्कीम के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए और इसका फायदा लेना चाहिए!

If you are not able to Pay Bank Loan EMI then take RBI Moratorium 2.0 – Loan EMI Moratorium News Today in hindi – Spark News

Show More

Related Articles

Back to top button