आंदोलन के अंत की सरकारी कोशिश नाकामयाब, समर्थन में जुटे हज़ारों किसान

फ्रंटफुट पर खेलने की कोशिश में जुटी सरकार, लेकिन राकेश टिकैत के एक स्ट्रोक से कोशिश हुई नाकामयाब

राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को हुई हिंसक झड़प के बाद आशंकाएं ये जताई जा रही थी की किसान आंदोलन की जड़ें कमज़ोर हो गयी हैं और ये जल्द ही ख़त्म हो जाएगा। सरकार ने इस आंदोलन को ख़त्म करने की भरपूर कोशिश भी की लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के एक स्ट्रोक से पूरा मामला ही बदल गया। दरअसल 28 जनवरी को सिंघु बॉर्डर पर इकठ्ठा हुई भीड़ और यूपी पुलिस के द्वारा किसानों को धरना स्थल से हटाने की पठकथा लिख ली गई थी। किसान आंदोलन के विरुद्ध जुटी भीड़ लगातार नारे लगा रही थी की, “यूपी पुलिस, लट्ठ बजाओ हम तुम्हारे साथ हैं। लेकिन मानो, इन तमाम उकसाने वाले नारों की गूँज पुलिस के कानों तक गयी ही न हो। पुलिस ने इन नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की ना ही उन्हें नारे लगाने से रोका गया।

यहाँ तक तो सिर्फ जनसैलाब से किसानों को उठाने की कोशिश की गयी लेकिन इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब प्रशासन ने गाज़ीपुर बॉर्डर पर बिजली और पानी का कनेक्शन काट दिया। इस बीच कुछ किसान यूनियंस ने आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान कर दिया।

हालांकि जब यूपी पलिस ने अपनी कार्यवाही तेज़ करने की कोशिश की, उसके कुछ ही समय बाद किसान नेता राकेश टिकट ने मंच से सभी किसानों का सम्बोधन किया और उसी दौरान वो भावुकता में रो पड़े, साथ ही केंद्र सरकार पर आरोपों की बौछार करते हुए उन्होंने कहा की अगर तीनों कानून वापस नहीं हुए तो वो आत्महत्या कर लेंगे। इसी  के साथ उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।

राकेश टिकैत की भावुकता को देख यूपी के तमाम क्षेत्रों से किसान, आंदोलन के समर्थन में जुट रहे हैं। मेरठ, बिजनौर, मुज़फ्फरनगर, बुलंदशहर और खुर्जा से किसान, आंदोलन के समर्थन में एकजुट हो रहे हैं। राकेश टिकैत की अपील पर हज़ारों की तादाद में गाँव से किसान, टिकैत का समर्थन करने पहुंचे हैं। दरअसल राकेश टिकैत ने यह ऐलान कर दिया था की वो अनशन करेंगे और अगर पानी पिएंगे भी तो सिर्फ अपने गाँव का ही पानी पिएंगे। ऐसे में राकेश टिकैत के लिए गांवभर से किसान पानी और मट्ठा लेकर, गाज़ीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। वहीँ दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी लगातार शुरू से ही किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है और रात में दिल्ली सरकार की तरफ से पानी के टैंकर का इंतज़ाम किया जाने लगा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी, किसानों का समर्थन करने के लिए , आज गाज़ीपुर बॉर्डर जाएंगे।

प्रशासन सहित यूपी पुलिस भी बैकफुट पर इसलिए आ गयी है क्यूंकि कुछ महीनों में ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। उसके बाद अगले साल ही यूपी में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं जिसे देखते हुए योगी सरकार सोच समझकर एक एक कदम आगे बढ़ा रही है। क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टिकैत के अनुयायियों का बोलबाला है इसी वजह से भाजपा का हर फैसला इन चुनावों को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।

Show More

Related Articles

Back to top button