Loan Moratorium पर अब तक यह हुआ

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने हाल ही में लोन मोरेटोरियम पर एक अहम् फैसला सुनाया था। RBI ने इसके तहत कुछ इंडिविजुअल अब यहाँ Individual का मतलब किसी व्यक्ति से है यानी कुछ Individual और छोटे कर्ज़दारो को क़र्ज़ चुकाने के लिए और अधिक समय उपलब्ध कराया था।

बता दे की जिन्होंने पिछले साल यानी 2020 में अपने क़र्ज़ को Restructure नहीं किया था और मार्च 2021 तक लोन खाते स्टैण्डर्ड अकाउंट के तौर पर क्लासिफाइड किये गए थे, उन लोगो और स्माल एंड मध्यम केटेगरी की कंपनी को 2 साल तक मोरेटोरियम उपलब्ध कराने की बात कही गयी थी। साथ ही ये भी कहा गया था की RBI के इस फैसले का फायदा 25 करोड़ तक के कर्ज़दारो को मिलेगा। आपको बता दे की RBI गवर्नर की ओर से ये ऐलान किया गया था की इस योजना के तहत सभी बैंक और लेंडिंग इंस्टीटूशन्स यानी जो लोन देने वाली संस्थाए है उनको 30 सितम्बर 2021 तक लोन को Restructure करने का फायदा मिलेगा साथ ही जिन लोगो ने पिछले साल 2020 में ही लोन Restructuring का लाभ उठा लिया था, वो लोग भी इस योजना का फायदा उठा पाएंगे। लोन रिस्ट्रक्चरिंग के तहत जिन लोगो को पिछले साल 2 साल तक के मोरेटोरियम का फायदा मिला था ऐसे लोग इस साल भी लोन रिस्ट्रक्चरिंग के तहत मोरेटोरियम के समय को 2 साल तक के लिए बढ़ा सकते है।

कोरोना महामारी की इस दूसरी घातक लहर ने एक बार फिर लिक्विडिटी यानी जो चीज़ आसानी से कॅश में कन्वर्ट हो जाती है, इसका संकट खड़ा कर दिया है, जिसके कारण इंडिविजुअल कर्ज़दार काफी ज़्यादा प्रभावित हुए है। लोग इस सिचुएशन में ही नहीं है कि वो अपनी EMI का भुगतान समय से कर पाए। तो ऐसे में ये कहा गया था की वो लोग अपने लेंडर के पास जाकर लोन Restructure के लिए रिक्वेस्ट कर सकते है, जिसके तहत उन्हें 2 साल तक की राहत मिल सकती है। हालाकि Restructuring बैंक की ओर से कुछ कंडीशंस के मुताबिक़ हर केस के लिए अलग होगी। RBI ने ये ऐलान किया था की इसका फायदा पिछले साल रिस्ट्रक्चरिंग का लाभ उठाने वालो को भी मिलेगा और जिन लोगो ने इसका फायदा नहीं उठाया उन्हें भी मिलेगा। लेकिन अब ऐसा लगता है की RBI का ये फैसला जितना कारगर नज़र आ रहा था उतना कारगर साबित हुआ नहीं, जिस वजह से सुप्रीम कोर्ट में फ्रेश मोरेटोरियम देने के लिए याचिका दर्ज़ की गयी है। याचिका में ये कहा गया है की RBI द्वारा 6 मई को रेसोलुशन प्लान 2.0 को लेकर जारी किया गया सर्कुलर आज के हालातो को देखकर सभी को राहत नहीं पहुंचा रहा है। याचिका में उन ग्राहकों को भी राहत देने की बात की गयी है जिनके अकाउंट NPA हो गये है। साथ ही इस राहत में किसी भी व्यक्ति की प्रॉपर्टी जब्त न की जाए। दर्ज़ की गयी इस याचिका में कहा गया है की केंद्र सरकार, वित् मंत्रालय या RBI मोरेटोरियम के मामले में राहत देने में असफल साबित हुई है इसलिए सुप्रीम कोर्ट ही अब इस मामले में जल्द से जल्द कोई फैसला सुनाए।

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