किसान आंदोलन के कारण भारत के दूसरे देशो से रिश्ते होने लगे हैं तल्ख!

आज दिनभर का अपडेट आपको देंगे औऱ साथ ही बताएंगे कि भारत देश के अलावा और किन किन देशों से किसानों को समर्थन मिल रहा है। बड़ी खबर पर चर्चा करें, उससे पहले एक नजर आज की हेडलाइन्स पर।

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़ का बीजेपी नेताओं पर आरोप। कहा धरने पर बैठे BJP नेताओं ने मुख्यमंत्री के घर पर लगे CCTV कैमरेतोड़े।
  • NDMCके मेयर जय प्रकाश ने कहा कि हमने कोई कैमरा नही तोड़ा, बस महिला पार्षदों के ऊपर जो सीसीटीवी लग रहा था उसे लगने नही दिया।
  • कमल हसन ने पीएम मोदी पर साधा निशाना। ट्वीट कर पीएम से पूछा कि जब देश की आधी आबादी भूखी है, लोग अजीविका खो रहे हैं, तो 1000 करोड़ रुपये की नई संसद क्यों?
  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवालके उपवास को नौटंकी करार दिया था। जिसके बाद आज केजरीवाल ने ट्विटर कर दिया पंजाब सीएम को जवाब। कैप्टन पर लगाया अपने बेटे के प्रवर्तन निदेशालयका केस माफ करवाने के लिए केंद्र सरकार से सेटिंग करने का आरोप।
  • हाल ही में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के द्वारा ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर-एशिया सर्वे 2020 प्रकाशितकिया गया। इसमें भारत को एशिया का सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी वाला देश बताया गया। इस रिपोर्ट के मुताबिक कंबोडिया दूसरे और इंडोनेशिया तीसरे नंबर पर। वहीं एशिया के सबसे ईमानदार देशों में मालदीव और जापान संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं।
  • न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को दूसरे टेस्ट में दी करारी मात, टेस्ट रैंकिंग में पहले पायदान के करीब पहुंची।
  • राष्ट्रीय राजधानी में ठंडी हवाएं बहने के साथ ही सोमवार को न्यूनतम तापमान 8।4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं तेज हवाओं की वजह से वायु गुणवत्ता में हुआ सुधार , मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।

अब रूख करते हैं आज की बड़ी खबर की ओर, जैसा कि आज हम किसानों के आंदोलन से जुड़ा दिनभर का पल – पल का अपडेट देंगें और बताएंगे कि किन किन देशों को किसानों को समर्थन मिल रहा है। देश में तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसान भूख हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के सिंधु बॉर्डर से लेकर यूपी-दिल्ली सीमा के गाजीपुर तक किसान सुबह 8 से 5 बजे तक उपवास पर बैठे। बता दें कि किसान आंदोलन का आज 19वां दिन है। वहीं किसानों के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साथ ही प्रयटन मंत्री गोपाल राय ने भी उपवास किया। केजरीवाल के उपवास को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर ने नाटक करार दिया। जिसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सीएम पर अपने बेटे के प्रवर्तन निदेशालय का केस माफ करवाने के लिए केंद्र सरकार से सेटिंग करने का आरोप लगाया।

वहीं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, ‘किसी भी काम या आंदोलन को लेकर जिद पर अड़ जाने से समाधान नहीं होता है। समाधान निश्चित रूप से मिल बैठकर निकलता है। मैं किसान भाईयों से आग्रह करूंगा कि भारत सरकार आपके साथ बैठने के लिए तैयार है। वहीं भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चादुनी ने कहा कि केंद्र उतनी ही मात्रा में फसल खरीदता रहेगा, जितना पहले खरीदता था। उनके लिए ‘एमएसपी पर खरीद’ का मतलब यही है। सरकार एमएसपी पर सभी को गुमराह कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर की बैठक के दौरान हमसे कहा कि वे एमएसपी में सभी 23 फसलों को नहीं खरीद सकते, क्योंकि इसकी लागत 17 लाख करोड़ रुपये है।इसके अलावा पंजाबी अभिनेता गुरप्रीत घुग्गी ने भी सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात की और सरकार से कृषि कानून रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यह लड़ाई ‘जमीरदार’ की है। तीन कृषि कानूनों को किसानों ने खारिज कर दिया है, इसलिए केंद्र को भी रद्द कर देना चाहिए। आज सुबह गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली से मेरठ-गाजियाबाद जाने वाले रुट को भी ब्लॉक कर दिया था। टिकरी बॉर्डर पर बैठे पर आल इंडिया किसान सभा बालकरन सिंह बरार ने कहा कि केंद्र सरकार जिद पर अड़ी हुई हैह उपवास केंद्र को जगाने के लिए है। वहीं कैंद्रीय मंत्रियों की आज मुलाकातें चलती रही।

बता दें कि किसानों को सिर्फ भारत ही नहीं बाहरी देशों से भी समर्थन मिल रहा है। गुरुनानक देव की 551वीं जयंती के मौके पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि हालात बेहद चिंताजनक हैं और हम परिवार तथा दोस्तों को लेकर परेशान हैं और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा।’ दरअसल कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकतर पंजाब से हैं। इससे पहले कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन ने भी स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। इस सब के बाद भारत सरकार ने भी ट्रूडो के बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जाहिर की थी।

वहीं आज भारतीय राजदूतों के समूह ने किसान आंदोलन पर कनाडा के रुख को वोट बैंक राजनीति बताते हुए एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र पर 22 पूर्व राजनयिकों के हस्ताक्षर हैं। भारत के पूर्व राजनयिकों ने लिखा है कि भारत कनाडा से अच्छे रिश्ते चाहता है लेकिन यह एकतरफा नहीं हो सकता। भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ कदमों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस बारे में निर्णय कनाडा के लोगों को ही करना होगा। इसके अलावा अमेरिका के एरिजोना में रह रहे भारतीयों का भी किसानों को समर्थन मिल रहा है। इनका कहना है कि उन्होंने कहा कि अमेरिका में रह रहा एक-एक भारतीय किसानों के साथ है। मंच का संचालन करते हुए जगरूप तूर ने कहा कि भारत देश में जय जवान जय किसान का नारा दिया गया है। लेकिन आज भारत के उसी किसान को समस्याओं ने जकड़ रखा है। वहीं कल खबरें मिली थी कि वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के पास मेमोरियल प्लाजा से लगी महात्मा गाँधी की प्रतिमा को प्रदर्शन के दौरान नुकसान पहुंचाया।

अगर आपने हमारे चैनल स्पार्क न्यूज़ को सब्सक्राइब नहीं किया है तो अभी कर लें और साथ में लगे बेल आइकॉन को दबा दें, जिससे हमारे सभी वीडियोज़ आपके पास तुरन्त पहुंचते रहें।

 

किसानों का दिल्ली और सरकार का हैदराबाद कूच

क्या कहता किसानों का लामबंद होना

किसान बिल से होगा फायदा या बढ़ेगा किसानों का संकट, जानिए सबकुछ

Show More

Sarita Tiwari

An human being, a social worker by heart but professionally I am a journalist.

Related Articles

Back to top button