डॉक्टर्स ने छूने से भी कर दिया था मना, बच्चे की मौत पर संगीन आरोप

बेटे की लाश से लिपटकर रोते पिता की हृदय विदारक वीडियो वायरल

Story Highlights
  • बेटे की लाश से लिपटकर रोते पिता की हृदय विदारक वीडियो वायरल
  • पिता का आरोप, अस्पताल प्रशासन ने बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया था
  • आरोप के अनुसार डॉक्टर्स ने इलाज करने की जगह छूने से भी कर दिया था इंकार
  • मृतक बच्चे के पिता का आरोप, इलाज की जगह कानपुर ले जाने के लिए कहा
  • अस्पताल और कन्नौज प्रशासन का आरोपों से इंकार, कहा अस्पताल में सीरियस हालत में आया था बच्चा, कोशिश के बावजूद नहीं बचा पाए जान

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों पर तो पहले भी संवेदनहीन होने के आरोप लगते रहे हैं, पर कोरोना के भय के बीच ताज़ा मामला संवेदनहीनता की पराकाष्ठा का है। जहाँ कन्नौज जनपद के हॉस्पिटल में माता-पिता अपने एक साल के बच्चे को बुखार की हालत में लेकर पहुंचे थे और वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ से बार मदद की गुहार लगाकर ऐसी हालत में हो गए जैसे बार-बार पत्थर पर सर टकराकर कोई गश खाकर गिर जाता है. पर कोई सुनवाई नहीं हुई। माँ-बाप की गुहार का किसी पर असर नहीं हुआ. यह मामला तब सामने आया है जबकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की तुलना सुपरपावर देशों की थी।

मामला है उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद का। जहां पर माता-पिता अपने एक साल के बच्चे को लेकर पहुंचे तो बच्चा बुखार से तप रहा था। गले में सूजन थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दंपती ने आरोप लगाया है कि वे अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए डॉक्टर्स के सामने गिड़गिड़ाते रहे। बार-बार गुहार लगाते रहे। लेकिन डॉक्टरों ने ilaaj तो दूर की baat बच्चे को छूने से इंकार कर दिया। उनसे कहा गया कि वे बच्चे को वहां से तकरीबन 90 किलोमीटर दूर कानपुर ले जाएं। दंपत्ति के अनुसार डॉक्टर्स ने कहा कि कानपुर में कई बड़े एवं अच्छे सरकारी अस्पताल हैं। हालाँकि इसी जद्दोजहद में बच्चे की कुछ देर बाद मौत हो गई। हालांकि कन्नौज जिला प्रशासन और अस्पताल की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार घटना रविवार शाम 5 बजे के आसपास की है। जहाँ मृतक बच्चे का पिता ज़मीन पर लेते हुए अपने 1 साल के बेटे के शव के साथ चिपककर फूट-फूटकर रोता हुआ नजर आ रहा है और वहीं बगल मेंपर ही बच्चे की मां भी रोती हुई नज़र आ रही है। वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जिसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया।

वीडियो को अटैच करते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के नेता अरुण राजभर ने ट्वीट किया। ‘यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं से संवेदना और मानवता मानो खत्म हो चुकी है! कन्नौज में तेज बुखार से पीड़ित बच्चे को इलाज ना मिलने से अपनी जान गंवानी पड़ी। अत्यंत दुखद! गंभीर हालत के बावजूद चिकित्सकों पर भर्ती ना करने का आरोप। शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना! दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई।’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतक बच्चे के पिता प्रेमचंद ने बताया कि ‘मीडिया वालों के आने पर ही बच्चे को भर्ती किया गया और तभी उसकी मृत्यु हो गई।’ हालाँकि अस्पताल और ज़िला प्रशासन के अनुसार मामले में किसी की लापरवाही नहीं है। बच्चे को गंभीर हालत में यहां लाया गया था और तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कर के इलाज किया जा रहा था। परन्तु डॉक्टर्स के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।’

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