केंद्र सरकार ने FY22 मे रखा 12.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

RBI FY22 में G-Secs Bonds के जरिए सिर्फ 2.7 लाख करोड़ रुपये ही जुटा पाई है

RBI ने FY22 में G-Secs bonds से सिर्फ Rs 2.7 Lakh Crore जुटाए जबकि Target 12 Lakh Crore है | Spark News

RBI ने शुक्रवार को 9975 करोड़ रूपये के 10 साल वाले बॉन्ड को रिजेक्ट कर दिया ताकि मैच्योरिटी के बाद बॉन्ड के मिनिमम bond yield को 6% पर रखा जा सके। फाइनेंशियल इयर 2021-22 मे ये दूसरा मौका जब  RBI ने 5.85 % के GS 2030 बॉन्ड के बिड को  डिवाल्व यानि ट्रांसफर किया है । बता दे कि डिविल्वमेंट उस प्रोसेस को कहते हैं जिसमे बॉन्ड के अंडरराईटर्स को बिना बिके हुए बांड्स को खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है ।RBI ने devolvement के जरिए 32000/- करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था पर ये आंकड़ा 16,774 करोड़र पर ही सिमट गया ।

बता दे कि RBI ने FY22 मे 12.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था पर ये आंकड़ा भी 2.70 लाख करोड़ रुपये पर ही प॔हुच पाया जबकि प्लानिंग 32000करोड़ के बॉन्ड बेचने की थीं ।

RBI  ने 4,025  करोड़ रूपये वाले बॉन्ड बेचे जिसका cut off yield 5.99% है और 3,750 करोड़ रूपये के 2 सिल वाले  पेपर 4.19 % के ब्याज दर पर बेचे ।जबकि 6.96% के interest rate पर 9000 करोड़ रूपये के 40 साल वाले बॉन्ड बेचे और बचे हुए बांड्स RBI ने प्राइमरी डीलर्स को ट्रांसफर कर दिये ।

 

बता दे कि सरकार आमतौर पर government securities (GSecs) पर कर्ज लेती है । साथ ही stablisation bond, treasury bill, special securities ,gold bond , small saving scheme, cash management Bills  से भी जो पैसा आता है वह सरकार के लिए कर्ज ही होता है ।

मोटे तौर पर जब कोई GSecs या सरकारी बॉन्ड मे इन्वेस्ट करता  है  तो वह सरकार को कर्ज दे रहा होता है जो सरकार एक तय समय में लौटा देती है  और उस अमाउंट पर इंटरस्ट भी भरती है । आमतौर पर सरकार इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टस बनाने के लिए GSec जारी करती है ।

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