BJP MLA की हरकत से नाराज़ किसान पहुंचेंगे गाज़ीपुर बॉर्डर

गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या कम होने की बजाय, भारी तादाद में किसानों का जनसैलाब गाज़ीपुर की ओर कूच करने को तैयार है।

जहाँ एक तरफ केंद्र सरकार किसान आंदोलन को ख़त्म करने की हर नाकाम कोशिश कर रही है वहीँ देश का किसान, हर रोज़ एक कदम आगे बढ़ रहा है। सरकार सिर्फ राह देख रही है की तमाम प्रादेशिक सीमाओं पर बैठे किसान जितना जल्दी हो सके वहां से उठ जाए लेकिन हर बॉर्डर पर किसानों का जनसैलाब उमड़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है। तमाम क्षेत्रों से किसान गाज़ीपुर बॉर्डर पर भारी तादाद में पहुँच रहे हैं।

26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में जो घटना हुई उस से पहले तक गाज़ीपुर बॉर्डर पर सिर्फ पंजाब और उत्तराखंड के किसानों की संख्या ज़्यादा थी लेकिन बीते दिनों अब सिख समुदाय और वेस्टर्न यूपी से लोग हर रोज़ गाज़ीपुर बॉर्डर पहुँच रहे हैं। बता दें की 26 जनवरी को हुई हिंसक झड़प के बाद किसान आंदोलन की जड़ें कमज़ोर करने की कोशिश की गयी लेकिन राकेश टिकैत भावुक होकर रो पड़े और तभी किसान आंदोलन ने नया रुख ले लिया।

गाज़ीपुर बॉर्डर से जुडी एक और ताज़ा खबर यह है की किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में आहूत महापंचायत में खाप चौधरियों ने पूरी ताकत के साथ गाजीपुर बॉर्डर कूच करने का एलान कर दिया है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों के साथ ही सांसदों-विधायकों के खिलाफ भी चौधरियों ने नाराजगी जताई है। दरअसल दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बड़ौत तहसील में सर्वखाप चौधरियों की अगुवाई में महापंचायत हुई। इस महापंचायत में बड़ौत में किसानों पर लाठीचार्ज और गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की हरकत पर कड़ी नाराजगी जाहिर की गयी है। लगातार पांच घंटे चली महापंचायत में हजारों लोगों की भीड़ इकठ्ठा हुई। आंदोलन के बीच किसानों को लेकर दिए गए बयान पर और गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ बदसलूकी करने के मामले में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपने ही विधानसभा के इलाकों में निशाने पर आ चुके हैं। उनके खिलाफ लगातार हर दूसरे दिन पंचायतें हो रही है । खासकर गुर्जर बाहुल्य गांवों में लोगों ने पंचायत कर विधायक का विरोध करने के साथ साथ उनका बहिष्कार भी किया है। लोनी के अफजलपुर निस्तोली और मेहमदपुर गांव में विधायक के विरोध में पंचायत हुई। लोगों ने कहा कि पंचायत ऐसी जनप्रतिनिधि का बहिष्कार करती है, जो जातिगत राजनीति कर लोगों को तोड़ने का काम करते हैं और गुर्जर बिरादरी को बदनाम करने का काम करते हैं।

गाज़ीपुर बॉर्डर पर पश्चिमी यूपी के किसान भारी तादाद में उमड़ रहे हैं जो भाजपा के लिए एक खतरे की घंटी साबित हो सकता है, क्योंकि पश्चिमी यूपी में टिकैत का बोलबाला ज़ोरो शोरो से है ऐसे में यूपी चुनाव में यही जनसैलाब भाजपा के लिए नुक्सान देह साबित हो सकता है। हालांकि बाहरी ताकतों का सहारा लेकर इस आंदोलन को ध्वस्त करने की योजना बनायी गयी लेकिन भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ बदसलूकी करके सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के पैरों पर भी कुलाहड़ी मारी है। पर ऐसे माहौल में क्या योगी सरकार, नन्द किशोर की गलती पर अगले आने वाले चुनाव को लेकर डैमेज कंट्रोल कर पाएगी ? इस वक़्त इसी सवाल के जवाब का इंतज़ार जारी है।

 

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