पेट्रोल-डीजल की कीमतो में हो सकती है गिरावट – एक्साइज ड्यूटी हटाने की योजना

Petrol and Diesel prices may fall - Government plans to remove Excise Duty

पेट्रोल और डीजल जल्द ही हो जाएंगे सस्ते। वित्त मंत्रालय एक्साइज़ ड्यूटी हटाने की कर रहे है योजना। हालाँकि पिछले तीन दिन से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे आम जनता को थोड़ी राहत मिली है। बता दे की इसके पहले शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल के दाम 24 पैसे और डीजल के भाव 15 पैसे बढ़ गए थे। इस वक़्त राजधानी में पेट्रोल 91.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 81.47 रुपये प्रति लीटर पहुंच चूका है।

खबर है की वित्त मंत्रालय 15 मार्च तक पेट्रोल और डीजल से एक्साइज़ ड्यूटी हटाने का फैसला लेने वाली है जिसके बाद इनकी कीमतों में गिरावट आ सकती है।  पिछले कुछ समय से ही पेट्रोल डीजल और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। कुछ शहरों में तो पेट्रोल 100 रुपए के पार है। ऐसे में चारों ओर से बढ़ रहे दबाव से सरकार एक्साइज ड्यूटी घटा सकती है।

बता दें कि फरवरी महीने में पेट्रोल के दाम में 14 दिन इजाफा हुआ है। इन 14 दिनों में पेट्रोल करीब 03.87 रुपये महंगा हो गया है। केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगाती है जबकि राज्य सरकारें वैट लगाती हैं। अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच 4.21 लाख करोड़ का रेवेन्यू सरकार को मिला।

कुछ दिन पहले ही सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने यह कहकर इसकी आलोचना की थी कि राम के भारत में पेट्रोल 93 रुपए है जबकि रावण की लंका में 51 रुपए और सीता के नेपाल में 53 रुपए है। उनका ये भी कहना है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट को GST में लाना चाहिए। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दोगुना टैक्स लगता है। केंद्र सरकार ने पिछले 12 महीनों में दो बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। सरकार लोगों को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा देने की बजाय खुद रेवेन्यू बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

आपको बता दे की असम, पंजाब और बंगाल समेत कई ऐसे राज्य है जिनमे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट आयी है। खबरों की माने तो कहा जा रहा है की कीमतों में गिरावट इसलिए आयी है क्युकी विधान सभा चुनाव आने वाले है और सरकार को लगता है कि अगर कीमते कम नहीं की गयी तो इसका असर चुनाव पे पड़ेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि हम यह नहीं कह सकते हैं कि कब तक टैक्स घटेगा, पर हम राज्यों से इसके बारे में बात कर रहे हैं।

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